दिनांक 12 दिसंबर 2025, एस. एस. +2 उच्च विद्यालय, बेड़ों, राँची में वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) परीक्षा के लिए लगभग 600 छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित किए जाने के विरोध में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक छात्रों और अभिभावकों ने जोरदार घेराव-प्रदर्शन किया। विद्यालय प्रशासन द्वारा कम उपस्थिति (Attendance) का हवाला देकर छात्रों को फॉर्म भरने से रोका जा रहा था, जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि विद्यालय में नियमित कक्षाएँ संचालित नहीं होतीं और शिक्षकों की भारी कमी है। विद्यालय में जर्जर भवन टूटा क्लासरूम पेयजल और साफ-सफाई की कमी शौचालय की बदहाल स्थिति विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और खेल सामग्री का अभाव नियमित कक्षा संचालन में लापरवाही जैसी गंभीर समस्याएँ लंबे समय से बनी हुई हैं। इस स्थिति में Attendance का दंड छात्रों को देना अन्यायपूर्ण और अमानवीय है। घेराव स्थल पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) स्वयं पहुँचे। इस वार्ता में आदिवासी छात्र संघ DSPMU अध्यक्ष श्री विवेक तिर्की ने छात्रों की समस्याएँ विस्तारपूर्वक रखीं और स्पष्ट कहा कि “खराब विद्यालय व्यवस्था की सज़ा छात्रों को नहीं दी जा सकती।” करीब दो घंटे चली वार्ता के बाद DEO ने आश्वासन दिया— 1. परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाएगी। 2. किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। 3. विद्यालय भवन की मरम्मत शीघ्र शुरू की जाएगी। 4. पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएँ बहाल की जाएँगी। 5. शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने एवं नियमित कक्षा संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएँगे। छात्रों और अभिभावकों ने घेराव शांतिपूर्वक समाप्त किया। आदिवासी छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन का पालन समय पर नहीं हुआ, तो संगठन आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) और शिक्षा मंत्री तक गेराव करेगा।जिसमें पंकज उराँव,विश्व हिंदू परिषद बेड़ो प्रखण्ड अध्यक्ष शासी टाइगर,JMM कार्यकर्ता मुन्ना बड़ाईक भी सामिल रहे ।
