छात्रवृत्ति भुगतान में देरी से भड़का गुस्सा—आदिवासी छात्र संघ का कल्याण कॉम्प्लेक्स घेराव, सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम

रांची, 06 दिसंबर 2025:
झारखंड में e-Kalyan छात्रवृत्ति योजना की लगातार हो रही उपेक्षा के खिलाफ आज हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। तीन वर्षों—2022–23, 2023–24 और 2024–25—से छात्रवृत्ति भुगतान लंबित रहने के विरोध में आदिवासी छात्र संघ, झारखंड के नेतृत्व में छात्रों ने रांची कॉलेज मुख्य द्वार से मोरहाबादी स्थित कल्याण कॉम्प्लेक्स तक विशाल मार्च निकाला और कॉम्प्लेक्स का घेराव किया।

छात्रों का आरोप है कि छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजना को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे गरीब, आदिवासी और वंचित समुदाय के हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

आंदोलन का नेतृत्व
इस आंदोलन में आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुषिल उरांव के साथ कई छात्र नेता शामिल थे, जिनमें केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुमित उरांव, DSPMU अध्यक्ष विवेक तिर्की, उपाध्यक्ष दीपा कच्छप, सचिव अमित टोप्पो, पूर्व सचिव मोनू लकड़ा, जिला अध्यक्ष राजू उरांव, पलामू प्रमंडल प्रभारी असुथोष सिंह चेरो, बोकारो जिला अध्यक्ष रविसान टुडू, सचिव रमेश कुमार मुर्मू, धनबाद जिला प्रभारी अभिजीत सोरेन, खुटी जिला भुनेश्वर मुंडा, बेड़ो कॉलेज प्रभारी ऋतिक ओरांव सहित अनेक छात्र नेता और हजारों छात्र उपस्थित रहे।

छात्रों का चेतावनी भरा अल्टीमेटम
छात्र संघ ने सरकार को अगले 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में छात्रवृत्ति भुगतान पर ठोस घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन को जिला, प्रखंड और राज्य स्तर पर और अधिक व्यापक किया जाएगा।

छात्र नेताओं ने साफ कहा—
“यह राजनीति नहीं, हमारे जीवन और भविष्य की लड़ाई है। यदि छात्रवृत्ति नहीं मिली, तो हमारा आंदोलन और बड़ा होगा।”

आदिवासी छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि छात्र अब चुप नहीं बैठेंगे और अपने अधिकार लिए बिना वापस नहीं लौटेंगे।

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