सर्वदलीय बैठक में विधि व्यवस्था के लिए विशेष चर्चा की उठी मांग
रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर शुक्रवार से शुरु होगा। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष एक बार फिर आमने-सामने होंगे। सत्र के सफल संचालन के लिए स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें विपक्ष की ओर से कहा गया कि सत्र का एक दिन और बढ़ाकर विधि व्यवस्था पर चर्चा कराई जाए।
इसपर कहा गया है जिस दिन अनुपूरक पर चर्चा होगी, उस दिन दो घंटा इस विषय पर चर्चा के लिए समय दिया जाएगा। इधर बैठक के बाद स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेताओं ने सत्र के सुचारू संचालन में अपनी सहमति दी है।
सभी ने सार्थक सत्र के रूप में स्थापित करने और आपेक्षित सहयोग देने की बात कही। ताकि राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता की आस्था विधानसभा के प्रति बनी रहे। उन्होंने कहा कि विधानसभा के परिपाटी के अनुसार, पहले दिन शोक प्रस्ताव होगा। आठ को अनुपूरक बजट पेश होगा। नौ दिसंबर को प्रश्नकाल और व्यय विवरणी पर वाद विवाद होगा। 10 दिसंबर को प्रश्नकाल के साथ विधेयक पेश किए जाएंगे। 11 दिसंबर यानि सत्र के अंतिम दिन अगर विधेयक की संख्या अधिक होगी तो उसे पेश किया जाएगा। गैर सरकारी संकल्प भी रखे जाएंगे।बैठक में मुख्यमंत्री-सह-नेता, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा हेमन्त सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष-सह-नेता, भारतीय जनता पार्टी बाबूलाल मराण्डी, सदस्य-सह-नेता, भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस प्रदीप यादव, सदस्य-सह-नेता, राष्ट्रीय जनता दल सुरेश पासवान, प्रतिनिधि, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्ससिस्ट-लेनिनिस्ट) (लिबरेशन) अरूप चटर्जी, माननीय सदस्य जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जनार्दन पासवान, माननीय सदस्य आजसू पार्टी निर्मल महतो उपस्थित रहे। झारखण्ड विधान सभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार एवं उप सचिव, हरेन्द्र साह भी बैठक में उपस्थित रहे।
