छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण की पहल का दिया आश्वासन, विश्वविद्यालय में संवैधानिक प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई समीक्षा
रांची: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा के नेतृत्व में आयोग के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची का दौरा किया। दोपहर 2 बजे विश्वविद्यालय पहुंची टीम ने अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं कर्मियों के साथ विस्तृत बैठक की।
कार्यक्रम की शुरुआत गांधी सभागार में आयोजित औपचारिक संवाद एवं समीक्षा बैठक से हुई। इस बैठक में विश्वविद्यालय के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति कोषांग के समन्वयक डॉ. जिंदर सिंह मुंडा, कोषांग के सदस्य, अनुसूचित जनजाति वर्ग के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में आरक्षित वर्ग से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
इसके बाद डॉ. आशा लकड़ा ने कुलपति डॉ. राजीव मनोहर एवं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दूसरी समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में आरक्षित वर्ग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान के लिए एक सशक्त आंतरिक निष्पादन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. आशा लकड़ा ने छात्राओं के लिए छात्रावास (हॉस्टल) की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में पहल करने की बात कही तथा इस कार्य में आयोग की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
बैठक के दौरान कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने कहा कि आयोग के सुझाव विश्वविद्यालय के लिए सकारात्मक मार्गदर्शन हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विश्वविद्यालय में संवैधानिक प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य आरक्षित वर्गों के शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
पूरे कार्यक्रम का समन्वयन विश्वविद्यालय के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति कोषांग के समन्वयक डॉ. जिंदर सिंह मुंडा ने किया।

