गुमला : केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), रांची के मनोरोग सामाजिक कार्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के वित्तीय सहयोग से संचालित परियोजना “झारखंड में ग्रामीण (जनजातीय) सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (सीएचडब्ल्यू) के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या जोखिम प्रबंधन प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन” के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज सदर अस्पताल कॉन्फ्रेंस हॉल, गुमला में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि एस. एन. चौधरी (सिविल सर्जन, गुमला) थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. वी. के. चौधरी, निदेशक, केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), रांची ने की।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. अनुपम किशोर, उपाधीक्षक (डीएस), गुमला; डॉ. सुनील राम, जिला मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (डीसीएमओ); डॉ. शरीब अहमद, परामर्शदाता मनोचिकित्सक; तथा डॉ. कुसुम, मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी), गुमला उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता बढ़ाने, मानसिक रोगों की शीघ्र पहचान, आत्महत्या जोखिम का समय पर आकलन तथा उचित रेफरल सुनिश्चित करने में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को राज्य में सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस परियोजना के अंतर्गत तृतीय चरण में गुमला जिले के 100 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या जोखिम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत झारखंड के पाँच जिलों के कुल 500 सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे समुदाय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, सहायक प्राध्यापक एवं प्रभारी, मनोरोग सामाजिक कार्य विभाग, सीआईपी, रांची ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह, वरिष्ठ मनोरोग सामाजिक कल्याण पदाधिकारी, सीआईपी, रांची तथा श्री विष्णु सुरेश, मनोरोग सामाजिक कार्य ट्यूटर, सीआईपी, रांची का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

