हजारीबाग : मोहर्रम की दसवीं के अवसर पर हजारीबाग के ऐतिहासिक छड़वा मैदान में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से 22 गांव का ताजिया और अखाड़ा जुलूस मैदान पहुंचने लगे, जिससे पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं और दर्शकों से खचाखच भर गया। अनुमान के अनुसार मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी।अखाड़ा समितियों द्वारा पारंपरिक युद्धकला, लाठी, तलवार एवं अन्य हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। युवाओं के जोश और बुजुर्गों की सहभागिता ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया। महिलाओं और बच्चों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया।मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों, झूलों और खान-पान के स्टॉलों पर दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह लंगर, शर्बत और पेयजल की व्यवस्था की गई, जहां हजारों लोगों ने प्रसाद और जलपान ग्रहण किया।
मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही मौके पर हजारीबाग उपायुक्त एसपी के साथ सभी आला अधिकारी मौजूद रहे पूरे मेला क्षेत्र और जुलूस मार्ग पर पुलिस बल, दंडाधिकारी तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
मोहर्रम का यह ऐतिहासिक मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी संदेश देता नजर आया। देर शाम तक लोगों की भारी भीड़ मैदान में बनी रही।

