भोपाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। अब विद्यार्थियों को खेल और पढ़ाई में से किसी एक का चयन करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रधान शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खेल अकादियों का भ्रमण के दौरान खिलाड़ियों से संवाद कर रहे थे। वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के साथ शूटिंग अकादमी का दौरा किया और खिलाड़ियों से संवाद कर उनके अनुभवों को जाना।
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री आधारित शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें कौशल, खेल और नवाचार से जोड़ने का कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के लिए विशेष कोर्स वर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे खेल गतिविधियों और शैक्षणिक उपलब्धियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
एपीएआर आईडी से जुड़ेंगी खिलाड़ियों की उपलब्धियां
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि एपीएआर (अपार) आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की शैक्षणिक तथा खेल संबंधी उपलब्धियों को एक मंच पर जोड़ा जाएगा। इससे उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों का समग्र रिकॉर्ड तैयार होगा, जो भविष्य में शिक्षा और करियर दोनों क्षेत्रों में लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इंटर-स्पोर्ट्स गतिविधियों को क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि खेलों में सक्रिय भागीदारी को भी अकादमिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाया जा सके।
आईआईटी सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ रहा खेलों का महत्व
केन्द्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहली बार आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी स्पोर्ट्स कोटा की व्यवस्था की गई है। यह कदम खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने और खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
2036 ओलंपिक और विकसित भारत 2047 का संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ना है। उन्होंने 2036 ओलंपिक को देश का महत्वपूर्ण लक्ष्य बताते हुए कहा कि खेलों के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए “विकसित भारत 2047” के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र, आत्मनिर्भर राष्ट्र और विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करना हमारा सामूहिक लक्ष्य होगा।

