‘अमृत पीढ़ी’ बनेगी विकसित भारत की ताकत, युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से सशक्त कर रहा भारत

2014 से 2026 के बीच शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव; ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में युवाओं की होगी निर्णायक भूमिका

भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव किए हैं। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की होने के कारण युवाओं को ‘अमृत पीढ़ी’ के रूप में विकसित कर राष्ट्र निर्माण का प्रमुख भागीदार बनाया जा रहा है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार किए गए हैं। स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जबकि उच्च शिक्षा में अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, अपार आईडी और नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क जैसी व्यवस्थाओं से छात्रों को अधिक लचीलापन मिला है।

कौशल विकास के क्षेत्र में स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसी पहलें युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर रही हैं। वहीं, स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत देश में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2.3 लाख से अधिक पहुंच चुकी है।

रोजगार के मोर्चे पर प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल और रोजगार मेलों के माध्यम से लाखों युवाओं को अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। अप्रैल 2020 से जून 2025 के बीच 3.45 करोड़ से अधिक युवा औपचारिक कार्यबल से जुड़े हैं।

खेलों में खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) जैसी योजनाओं ने भारत के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। वहीं फिट इंडिया अभियान और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं युवाओं के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा दे रही हैं।

सरकार का मानना है कि शिक्षा, कौशल, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से लैस ‘अमृत पीढ़ी’ ही विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।

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