नई दिल्ली। के. अन्नामलाई ने शुक्रवार, 5 जून को भारतीय जनता पार्टी से अलग होने की औपचारिक घोषणा कर दी और इसके कुछ ही मिनट बाद अपने खुद के राजनीतिक आंदोलन को शुरू करने की योजना का एलान कर दिया।
अन्नामलाई के इस आंदोलन में 24 घंटे के भीतर करीब 14 लाख लोगों ने इसमें शामिल होने के लिए साइन-अप किया है। अन्नामलाई की भारतीय जनता पार्टी के साथ काफी समय से अनबन चल रही थी, लेकिन शुक्रवार को भाजपा पार्टी प्रमुख नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
अन्नामलाई ने क्यों छोड़ा BJP का साथ?
भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पूर्व अधिकारी अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे में लिखा, ‘इस समय, मैं शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई कई बातचीत और पिछले 18 महीनों में मैंने जो असहमति जताई है, उसे याद करना चाहूंगा।’
अन्नामलाई ने आगे बताया, ‘मैं तमिलनाडु में विकास-उन्मुख और सांस्कृतिक रूप से जुड़ी राजनीति के लिए आगे के रास्ते पर अपने विचारों से शीर्ष नेतृत्व पर और बोझ नहीं डालना चाहता। हमारे वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद, मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि तमिलनाडु को लेकर हमारे विचार मेल नहीं खाते हैं।’
अन्नामलाई ने 2020 में सिविल सेवा छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के कुछ ही हफ्तों के भीतर उन्हें राज्य का उपाध्यक्ष बनाया गया और सिर्फ एक साल बाद, 37 साल की उम्र में, उन्हें राज्य इकाई का प्रमुख बना दिया गया।
अन्नामलाई के आंदोलन को मिल रहा लाखों लोगों का समर्थन
अन्नामलाई ने इस आंदोलन को सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सफर का अगला चरण बताते हुए युवाओं और आम नागरिकों से उनके साथ आने की अपील की।
अन्नामलाई ने कहा, ‘एक आम आदमी का राजनीति में आना बड़ी बात है।’ उन्होंने जन-केंद्रित राजनीति बनाने की बताई कही। साथ ही स्थायी विधायकों और सांसदों की संस्कृति वाली राजनीति को खत्म करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, ‘हम राजनीति को लोगों तक ले जाना चाहते हैं।’
अन्नामलाई ने कहा, ‘आंदोलन को कदम-दर-कदम आगे बढ़ाने के लिए धैर्य और संयम की जरूरत होगी। हमारे लक्ष्य अब बहुत बड़े हैं। ऐसी राजनीति की जरूरत है जो वास्तविक बदलाव ला सके। हम बदलाव की राजनीति बना रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए नींव रख रहे हैं।’

