रांची : संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से किए गए 7 आह्वानों का समर्थन करते हुए कहा कि राष्ट्र प्रथम की भावना से हर नागरिक को इन सुझावों को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक विचारधारा का विषय नहीं, बल्कि देशहित से जुड़ा मुद्दा है।
रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण पूरी दुनिया आर्थिक और महंगाई के संकट से जूझ रही है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है और जनता पर कोई अनावश्यक बोझ नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा किए गए आह्वान देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
श्री सेठ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश संकट में रहा, जनता ने सरकार के साथ खड़े होकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा सप्ताह में एक दिन उपवास रखने के आह्वान और 1971 के युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए विशेष टैक्स और 97.5 प्रतिशत तक आयकर दर का उल्लेख किया।
उन्होंने विपक्षी दलों और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रहित में कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं, तब विपक्ष द्वारा अनर्गल बयानबाजी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों को राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री के साथ खड़ा होना चाहिए।
संजय सेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री के 7 प्रमुख आह्वानों में वर्क फ्रॉम होम अपनाना, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना, विदेश यात्राओं से बचना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, खाद्य तेल का सीमित उपयोग, रासायनिक खाद के उपयोग में कमी लाकर प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देना तथा सोना खरीदने से परहेज करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों भारतीय छोटे-छोटे बदलाव अपने जीवन में अपनाएं, तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता।
