498 अंक लाकर पूरे राज्य में प्रथम स्थान, रचा कीर्तिमान
विद्यालय की पांच छात्राएं टॉप-3 में, शानदार प्रदर्शन
प्रमोद खण्डेलवाल
हजारीबाग : अपने हौसलों को इतना ऊँचा कर लो कि किस्मत भी झुक जाए, और मंज़िल खुद आकर पूछे बताओ तुम्हारी मर्ज़ी क्या है। यह पंक्ति हजारीबाग की बेटी प्रियांशु कुमारी पर सटीक बैठती है। जिसने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) परिक्षा में पूरे राज्य भर में पहला स्थान लाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड के नतीजों में हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड की प्रियांशु कुमारी ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 500 में से 498 नंबर प्राप्त हुए हैं। इंदिरा गांधी बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा प्रियांशु की इस उपलब्धि से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है। परिणाम घोषित होने के बाद प्रियांशु के स्कूल पहुंचने पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। स्कूल प्रबंधन और छात्राओं ने तालिया की गड़गड़ाहट के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण रंजन ने प्रियांशु को मिठाई खिलाकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रियांशु की कड़ी मेहनत और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है। अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रियांशु ने बताया कि उन्हें अच्छे परिणाम और टॉप-10 में जगह बनाने की उम्मीद थी। हालांकि, राज्य में पहला स्थान मिलना उनकी उम्मीदों से कहीं ज़्यादा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों के अनुशासन और माता-पिता के निरंतर सहयोग को दिया। प्रियांशु केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि संगीत में भी रुचि रखती हैं। वह एक बेहतरीन गायिका हैं और संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखना चाहती हैं। भविष्य के लक्ष्यों के बारे में उन्होंने बताया कि वह यूपीएससी या जेपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर देश सेवा करना चाहती हैं। लगातार पढ़ाई करने से सफलता मिली है। सफलता का कोई भी शॉर्टकट नहीं होता है। कोई भी छात्र अगर 8 घंटे ईमानदारी पूर्वक पड़े तो वह कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। प्रियांशु के पिता दिनेश्वर प्रसाद मेहता किसान हैं और अपनी बेटी की सफलता पर बेहद खुश हैं। उनके पिता ने स्नातक तक पढ़ाई की है वहीं उनकी माताजी लता देवी दोनों के चेहरे पर एक अलग उत्साह और खुशी देखने को मिली। पिता से बातचीत के क्रम में उन्होंने बताया कि मैंने कभी बेटा और बेटी में फर्क नहीं समझा। मेरी बेटी जो भी करना चाहती है, मैं हमेशा उसके साथ खड़ा हूं। आज उसने अपनी मेहनत से पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है। प्रियांशु की यह उपलब्धि हजारीबाग के ग्रामीण इलाकों की अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा बनी है। स्कूल की कनिष्ठ छात्राओं में उनसे मिलने और सफलता के टिप्स जानने की उत्सुकता देखी गई। इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय के प्राचार्य प्रवीन रंजन ने बताया कि यह हजारीबाग समेत पूरे राज्य वासीयों के लिए बेहद खुशी की बात है। हजारीबाग की बेटी ने पूरे राज्य भर में टॉप किया है। इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय की पांच छात्राएं टॉप 3 में है। प्रियांशु कुमारी ने 99.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनकर इतिहास रच दिया। वहीं सेकेंड टॉपर सूची में भी हजारीबाग का दबदबा देखने को मिला, जहां वैष्णवी श्री और जुलिता मिंज ने 99.20 प्रतिशत अंक हासिल किए। तीसरे स्थान पर भी जिले की छात्राओं का जलवा कायम रहा। अमीषा कुमारी और दीप्ति रानी ने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। छात्राओं की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह सफलता संभव हो पाई है। इंदिरा गांधी बालिका विद्यालय हर वर्ष बेहतर परिणाम देता है। इस बार विद्यालय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

