रांची में सरहुल पर्व का उत्साह, मांदर की थाप पर झूमे सीएम हेमंत सोरेन

रांची, 21 मार्च:
प्रकृति और आदिवासी संस्कृति के प्रतीक सरहुल पर्व के अवसर पर राजधानी Ranchi में उत्साह और हर्षोल्लास का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्यवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक Kalpana Soren और कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि सरहुल आदिवासी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो प्रकृति के प्रति आस्था और जुड़ाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो समृद्ध परंपराएं हमें सौंपी हैं, उन्हें आगे की पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रकृति से बड़ी कोई पूजा नहीं है, क्योंकि जीवन का सृजन और अंत दोनों प्रकृति में ही समाहित हैं। यदि प्रकृति नहीं होती, तो मानव जीवन की कल्पना भी संभव नहीं होती।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मांदर बजाकर सरहुल महोत्सव की खुशियों को और बढ़ा दिया, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंग गया। उन्होंने लोगों से प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग रहने और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को संजोकर रखने का आह्वान किया।

मौके पर मौजूद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी राज्यवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं और इस पर्व को प्रकृति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Top