बालूमाथ: बालूमाथ थाना क्षेत्र के झाबर पंचायत अंतर्गत कोमर गांव के कुशी टोला पारनदी में बिजली प्रवाहित तार की चपेट में आने से एक जंगली हाथी की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सोमवार की सुबह हाथी की मौत की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।बताया जाता है कि पांच दिन पूर्व मंगलवार की रात जंगली हाथी ने गांव निवासी बिफा उरांव के घर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था। हाथी घर में रखा अनाज भी खा गया था। इस दौरान घर में सो रहे बिफा उरांव, उनकी पत्नी और बच्चे ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इसके बाद हाथी ने घर के समीप लगी मक्का की फसल को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। घटना से भयभीत ग्रामीण ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए घर के तीन तरफ तार लगा दी और उसमें बिजली का करंट प्रवाहित कर दिया। इसी दौरान विचरण करते हुए जंगली हाथी घर के समीप पहुंचा और बिजली प्रवाहित तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से हाथी की मौके पर ही मौत हो गई।इधर, हाथी भगाने के लिए तैनात टीम के सदस्यों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद रविवार शाम से टीम क्षेत्र में हाथियों की निगरानी कर रही थी। टीम ने हाथियों के झुंड को गांव से बाहर निकाल दिया था, जिसके बाद हाथी बगल के डैम की ओर चले गए। इसके बाद हाथियों की गतिविधियों की जानकारी नहीं मिल सकी। टीम को लगा कि हाथियों का झुंड क्षेत्र से बाहर निकल गया है। हालांकि।सोमवार सुबह एक हाथी की मौत की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के पदाधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे घटना के बाद ग्रामीणों में हाथी की मौत को लेकर दुख है। वहीं, मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर वन विभाग से ठोस और स्थायी पहल करने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते हाथियों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम और ग्रामीणों को जागरूक किया जाता, तो ऐसी घटना को टाला जा सकता था। वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है।
