रिम्स शासी परिषद की बैठक : रिम्स में 466 करोड़ की लागत से खुलेंगे 10 नए विभाग

रांची। रिम्स में 466 करोड़ रुपये की लागत से 10 नए विभाग खुलेंगे। इसके साथ ही यहां पीजी सीटें की संख्या 256 और सुपर स्पेशियलिटी विभाग की सीटों की संख्या 150 की जाएंगी। यह निर्णय गुरूवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी की अध्यक्षता में रिम्स, रांची की 66वीं शासी परिषद् की बैठक में लिया गया।

बैठक में संस्थान के विकास, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा, मानव संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े 16 एजेंडों पर चर्चा की गई।

मौके पर मंत्री ने कहा कि रिम्स में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, न्यूरो एनेस्थीसिया, इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिकल जेनेटिक्स, न्यूक्लियर मेडिसिन और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन जैसे 10 नए विभाग स्थापित करने की पहल की गई है। इससे गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने पीजी और सुपर स्पेशियलिटी सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि रिम्स में वर्तमान में एमबीबीएस की 250 सीटें हैं। पीजी की सीटें 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, फैकल्टी के पद निर्धारित मानकों के अनुरूप 319 से बढ़ाकर 335 करने का निर्णय लिया गया है।

नॉन-टीचिंग पदों का पुनर्गठन करते हुए स्वीकृत 1,962 पदों में से 100 पद कम कर कुल 1,862 पद रखने का प्रस्ताव है।

नर्स, हॉस्पिटल मैनेजर और आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति पर मंत्री ने कहा कि मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 106 नए नर्स पद सृजित करने और 12 हॉस्पिटल मैनेजर नियुक्त करने की पहल की जाएगी।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों की सहायता के लिए 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति का निर्देश दिया गया है। इसके लिए उन्होंने 15 दिनों के भीतर रिक्तियों का विज्ञापन जारी करने का निर्देश दिया।

वेंटिलेटर, बर्न वार्ड और दूसरी सुविधाओं पर जोर देते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि गंभीर मरीजों और इमरजेंसी सेवाओं की जरूरतों को देखते हुए 200 से अधिक वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई पर जोर दिया गया। अल्ट्रासाउंड, इको और एक्स-रे जांच सुविधाओं के विस्तार तथा आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया।

इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक बर्न वार्ड विकसित करने, लिफ्ट व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने और जरूरतमंद परिवारों के लिए मोक्ष वाहन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई करने की बातें कही।

रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था की बात पर मंत्री ने कहा कि रिम्स परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से होमगार्ड जवानों की संख्या कम कर एसएपी जवानों की तैनाती करने का निर्णय लिया गया। पहले चरण में 100 होमगार्ड जवानों को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। परिसर में पास व्यवस्था लागू करने और कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए अलग-अलग पहचान पत्र जारी करने की व्यवस्था भी की जाएगी।

वित्तीय प्रबंधन, नियुक्ति, प्रोन्नति, शैक्षणिक गतिविधियों, खरीद प्रक्रिया, सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण को बेहतर बनाने के लिए स्थायी समितियों की संख्या पांच से बढ़ाकर 10 करने का निर्णय लिया गया। पीजी एवं सीनियर रेजिडेंट विद्यार्थियों के लिए पीपीपी मॉडल पर छात्रावास निर्माण की योजना है। इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

वहीं अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि रिम्स को झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत बैकअप बनाना जरूरी है। नए विभागों, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग स्टाफ, अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार से संस्थान की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल करने, कमियों को दूर करने और व्यवस्थाओं के बेहतर समन्वय पर जोर दिया।

रिम्स के विकास और व्यवस्था में सुधार से जुड़े 16 एजेंडों में 200 से अधिक वेंटिलेटर और आधुनिक मशीनें स्थापित करने, रिम्स में पूर्व में उपलब्ध 240 करोड़ की राशि के उपयोग पर विवरण मांगने, 106 नए नर्स के लिए पद और 12 हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति करने, 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति करने, बर्न वार्ड, लिफ्ट और मोक्ष वाहन की सुविधा देने, 10 फैकल्टी के पद बढ़ाने एवं नॉन-टीचिंग पदों का पुनर्गठन किए जाने सहित अन्य एजेंडा शामिल है।

इधर रिम्स की बैठक से पूर्व जामताड़ा जिले में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की जानकारी दी गई।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, रिम्स निदेशक डॉ डीके सिन्हा, अपर निदेशक वाघमारे प्रसाद कृष्ण सहित अन्य मौजूद थे।

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