रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में हुई कथित धांधली व पेपर लीक के विरोध में अभ्यर्थियों का आंदोलन उग्र रूप ले चुका है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद एंबुलेंस और स्ट्रेचर के सहारे छात्रों के साथ मार्च में आगे बढ़े।
उल्लेखनीय है कि देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण उनका स्वास्थ्य बिगड़ चुका है। इसके बावजूद वे अस्पताल में भर्ती होने के बजाय स्ट्रेचर पर लेटकर ही छात्रों का नेतृत्व करने पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर में कमजोरी के बावजूद उनका मनोबल मजबूत है और जब तक छात्रों की न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।
छात्रों के प्रदर्शन और विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा जाने वाले मुख्य मार्गों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तथा वॉटर कैनन की तैनाती की गई है। अभ्यर्थी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, पूरी प्रक्रिया की सीबीआई या सेवानिवृत्त जज की निगरानी में जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

