एसआइआर पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार : आदित्य


रांची। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर झारखंड सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए राज्य सरकार हर प्रकार के हथकंडे अपना रही है। राज्य की झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार एसआइआर को लेकर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। झारखंड में एसआइआर शुरू होने से पहले ही झामुमो और कांग्रेस ने इसके बहिष्कार और विरोध की बात कही थी और जब प्रक्रिया शुरू हुई तो इसे प्रभावित करने और एक समाज विशेष को खुश करने के लिए उनके नामों को अवैध रूप से जोड़ने के लिए हर प्रकार के हथकंडे यह सरकार अपना रही है।
उन्होंने कहा कि संथाल परगना में आ रही विसंगतियां का मामला केवल मतदाता सूची का नहीं बल्कि लोकतंत्र की पारदर्शिता का मामला है। साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर उम्र संबंधी गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही है जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। पाकुड़ और साहिबगंज सहित संथाल परगना के पूरे संवेदनशील इलाकों में मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन जरूरी है।
साहू ने कहा कि हेमंत सरकार ने प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को अब सरकारी सेवक नहीं, बल्कि झामुमो-कांग्रेस के पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है। प्रशासन की मिलीभगत से यह सरकार एक खास वर्ग के अधिक से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास में लगी है।
साहू ने पूछा कि चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक दखल क्यों। झामुमो-कांग्रेस अपनी बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों,
बीडीओ और सीडीपीओ नेताओं के साथ मिलाकर यह योजना बना रहे हैं कि कैसे अपने वोट बैंक बांग्लादेशी घुसपैठियों का नाम वोटर लिस्ट से न कटे।
ऐसा निर्देश खुल्लम-खुल्ला दिया जा रहा है, क्योंकि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन अब यह मान चुका है कि उनकी जीत बांग्लादेशी घुसपैठियों के वोट बैंक के भरोसे टिकी हुई है।
साहू ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ से जुड़े मामलों में हेमंत सरकार का रवैया पहले से सवालों के घेरे में रहा है, अब एसआईआर में सामने आ रही विसंगतियां उन सवालों को और गंभीर बनाती हैं। पदाधिकारियों की ओर से झामुमो-कांग्रेस और बांग्लादेशी घुसपैठियों को कैसे मदद की जा रही है, इसके कई उदाहरण सामने आए हैं। झारखंड में कई अधिकारी और कर्मचारी इसमें नियम के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं विशेषकर संथाल परगना प्रमंडल में जो विसंगतियां आ रही हैं, राज्य के लिए चिंताजनक है।
साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और उसका पर्दाफाश करेगी। जरूरत पड़ेगी तो पार्टी न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
उन्होंने सरकारी पदाधिकारियों को सरकार के टूलकिट की बजाय निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत देते हुए कहा कि अधिकारियों को अपनी आदतों से बाज आनी चाहिए अन्यथा उन्हें जेल की हवा खाने से कोई नहीं रोक सकता है।

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