हजारीबाग: जिला पुस्तकालय, हजारीबाग में शनिवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के लिए एक प्रेरक व्याख्यान (Motivational Talk) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त हेमन्त सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, भारतीय वन के अधिकारी श्री मौन प्रकाश,भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी सुश्री पूर्वा अग्रवाल ने *”How to Crack Competitive Exams”* विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन देते हुए सैकड़ों अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए आवश्यक रणनीतियों से अवगत कराया।उपायुक्त हेमन्त सती ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल अधिक समय तक पढ़ने से नहीं, बल्कि सही दिशा, नियमित अभ्यास, अनुशासन और निरंतर आत्ममूल्यांकन से प्राप्त होती है। उन्होंने अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम की गहन समझ विकसित करने, अवधारणाओं (Concepts) को मजबूत करने तथा सीमित एवं प्रमाणिक अध्ययन सामग्री का व्यवस्थित उपयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कोई भी प्रतियोगिता परीक्षा कठिन नहीं होती बस निरंतर ईमानदार प्रयास अनिवार्य होता है। उन्होंने बच्चों से प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान पूछे जाने वाले विभिन्न प्रश्नों तथा उनके विभिन्न अवयवों से अवगत कराया।
उन्होंने सभी बच्चों के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी दिया।मौके पर मौजूद उपस्थित उप विकास आयुक्त* ने भी बच्चों से संवाद स्थापित करते हुए विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के दौरान समय प्रबंधन, उत्तर लेखन, प्रश्नों को सही ढंग से समझने, तार्किक एवं संतुलित उत्तर प्रस्तुत करने, नियमित मॉक टेस्ट देने तथा पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करने के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ना, उसकी मांग को समझना तथा निर्धारित समय के भीतर सटीक एवं स्पष्ट उत्तर लिखने का अभ्यास सफलता की संभावना को बढ़ाता है।सुश्री पूर्वा अग्रवाल ने अभ्यर्थियों से कहा कि तैयारी के दौरान असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानना चाहिए। उन्होंने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतरता को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताते हुए युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्र में अभ्यर्थियों ने तैयारी की रणनीति, वैकल्पिक विषयों के चयन, अध्ययन की योजना, उत्तर लेखन, साक्षात्कार तथा परीक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका सुश्री पूर्वा अग्रवाल ने अपने अनुभवों के आधार पर विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। उनके व्यावहारिक सुझावों और प्रेरक अनुभवों से उपस्थित छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।

