ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर में देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में कई परिवारो के लिए आस्था का पर्व रविवार तड़के मातम में बदल गया। सप्तमी पर आधी रात के बाद चीनौर रोड की ढलान से अनियंत्रित होकर आया भारी ट्रक पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा और रास्ते में श्रद्धालुओं तथा प्रसाद की दुकानों को रौंदता चला गया। भीषण टक्कर से मंदिर की दीवार ढह गई और कई लोग ट्रक तथा मलबे के नीचे दब गए।
जिला प्रशासन ने हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। अनेक घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। मृतकों में बच्चे, किशोर, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हादसे ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के इंतजामों के बावजूद ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ तक कैसे पहुंचा?
हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे हुआ। सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें लगी थीं। दर्शन के लिए आगे बढ़ते श्रद्धालुओं और दुकानों पर खरीदारी कर रहे लोगों के बीच अचानक चीनौर की ओर से आ रहा भारी सामान से लदा ट्रक अनियंत्रित हो गया।

