समीक्षा बैठक में कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने तीसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया, दीक्षांत समारोह की तैयारी और रिक्त सीटों के लिए चांसलर पोर्टल दोबारा खोलने की जानकारी दी।
रांची:
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU), रांची के कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों एवं समन्वयकों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय की नामांकन प्रक्रिया एवं आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि स्नातक पाठ्यक्रमों में खेल एवं सैन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन 3 और 4 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 10 बजे किया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि खेल श्रेणी के अभ्यर्थियों का सत्यापन विश्वविद्यालय के जैकब सभागार में तथा सैन्य श्रेणी के अभ्यर्थियों का सत्यापन नए अकादमिक भवन स्थित गांधी सभागार में होगा। सत्यापन के बाद विशेषज्ञ समिति द्वारा पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन संबंधित विभागों को नामांकन के लिए अग्रसारित किए जाएंगे। उन्होंने अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर मूल प्रमाणपत्रों के साथ उपस्थित रहने की अपील की।
बैठक में विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि 3 अगस्त को ही तीसरे चरण की औपबंधिक प्रवेश सूची की प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों का मेधा के आधार पर नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
कुलपति ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन सितंबर माह के अंत में दीक्षांत समारोह आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है, ताकि अब तक उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिग्री एवं प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा सकें।
इसके अलावा उन्होंने जानकारी दी कि तीसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया के बाद जिन पारंपरिक एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में सीटें रिक्त हैं, उनके लिए चांसलर पोर्टल पुनः खोल दिया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यावरण विज्ञान, फिशरीज साइंस, इंटीग्रेटेड फिजिक्स, कथक डांस, खड़िया, खोरठा, कुरमाली, मुंडारी, म्यूजिक, पंचपरगनिया, जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, संस्कृत, विजुअल आर्ट पेंटिंग तथा योगिक साइंस सहित विभिन्न विषयों में इच्छुक विद्यार्थी 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार, कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शुचि संतोष बरवार, वित्त पदाधिकारी डॉ. अनीता मेहता, सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, निदेशक एवं समन्वयक उपस्थित थे। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।

