रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का सत्याग्रह आंदोलन सोमवार को लगातार 10वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे धरना स्थल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल होकर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
धरना स्थल पर देवेंद्र नाथ महतो ने घोषणा की कि 4 अगस्त को उनकी भूख हड़ताल झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि को समर्पित रहेगी। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड के लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए लंबा संघर्ष किया था। उनके संघर्ष, त्याग और जनहित के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेकर छात्र राज्य में पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
महतो ने कहा कि गुरुजी के आदर्श आज भी युवाओं और छात्रों को न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
देवेंद्र नाथ महतो ने राज्य सरकार से जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों में शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके। उनका कहना था कि सरकार को दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक सत्याग्रह आंदोलन और उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने राज्य के छात्रों से आंदोलन में शांतिपूर्ण तरीके से जुड़े रहने और अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि 4 अगस्त को झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने धरना स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को और मुखर किया जाएगा।

