नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी दस्तक दे दी, जिसके साथ ही इसने पूरे देश को कवर कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस वर्ष मानसून केरल में 4 जून को पहुंचा था, जबकि सामान्य तौर पर इसका आगमन 1 जून को होता है।
अलनीनो के प्रभाव के कारण मानसून की शुरुआत में देरी हुई, लेकिन इसके बावजूद पूरे देश में फैलने में केवल एक दिन की देरी हुई। सामान्यतः मानसून 8 जुलाई तक पूरे भारत को कवर कर लेता है, जबकि इस वर्ष यह 9 जुलाई को देशभर में सक्रिय हो गया।
आईएमडी के अनुसार, पूरे देश में मानसून के सक्रिय होने से आगामी दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे कृषि गतिविधियों को गति मिलने और जलस्रोतों में सुधार की उम्मीद है।

