रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत पहली बार मतदाता बनने जा रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की गई है। जो युवा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, वे इस प्रक्रिया के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि राज्य में लगभग 10 लाख से अधिक युवा पहली बार मतदाता बनने की पात्रता रखते हैं। वर्ष 2024 के बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण नहीं होने के कारण इस बार 18 से 20 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने की संभावना है।
महत्वपूर्ण तिथियां
- बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण : 30 जून से 29 जुलाई 2026
- प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन : 05 अगस्त 2026
- दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि : 05 अगस्त से 04 सितंबर 2026
- सत्यापन एवं नोटिस अवधि : 05 अगस्त से 03 अक्टूबर 2026
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन : 07 अक्टूबर 2026
पहली बार वोटर बनने के लिए क्या करना होगा?
नए मतदाताओं को निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6, घोषणा पत्र तथा आयोग द्वारा मान्य दस्तावेजों में से किसी एक को बीएलओ के माध्यम से जमा करना होगा।
जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेजों की आवश्यकता
- 01 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्तियों को केवल अपना दस्तावेज देना होगा।
- 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा।
- 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवाओं को स्वयं के साथ माता और पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
विदेश में जन्मे भारतीय मूल के युवाओं को संबंधित भारतीय दूतावास द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं, यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार 05 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में नए पंजीकृत मतदाताओं का नाम शामिल नहीं होगा, लेकिन सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद 07 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम जोड़ा जाएगा।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र युवाओं से समय पर आवेदन कर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

