रांची। सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) में सोमवार से ‘आदित्य बिरला समर इंटर्नशिप प्रोग्राम 2026’ का शुभारंभ किया गया। जेन जी के सशक्तिकरण और कौशल विकास के उद्देश्य से शुरू किया गया यह कार्यक्रम 31 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। प्रयोगात्मक एवं प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण पद्धति पर आधारित इस कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के चयनित छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹2000 की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। वहीं बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी को ₹2000 की अतिरिक्त पुरस्कार राशि भी दी जाएगी।
इंटर्नशिप कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों के अलावा निर्मला कॉलेज तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र भी शामिल हुए हैं। प्रतिभागियों को पर्सनैलिटी डेवलपमेंट एवं लाइफ स्किल, स्पोर्ट्स, योगा एवं गेम्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डिजिटल मीडिया, ड्रोन एवं रोबोटिक्स, फिनटेक, इंटरनेट, वेब एंड नेटवर्किंग तथा ग्रुप प्रोजेक्ट्स जैसे समकालीन विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर एसबीयू के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में प्रौद्योगिकी, मजबूत अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना और मानव विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं हरित वातावरण में इन आधुनिक कौशलों को सीखने का अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में राज्यसभा सांसद एवं निदेशक, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के योगदान की भी सराहना की।
विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने अपने संबोधन में उद्योगपति आदित्य बिरला की प्रेरणादायी विरासत का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर केंद्रित इस कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
कुलसचिव प्रो. एस.बी. डांडिन ने इसे झारखंड का अपनी तरह का पहला समर इंटर्नशिप मॉडल बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों में व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल विकसित करेगा।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रो. सी. जगनाथन ने व्यक्तित्व विकास विषय पर व्याख्यान दिया और विद्यार्थियों के साथ सफलता एवं नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. वी.एन.एल. लक्ष्मी दुर्गा ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन डॉ. पिंटू दास ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान ने आयोजन टीम एवं चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

