23 मिनट पहले
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अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद का असर उनकी आने वाली फिल्म ‘प्रलय’ पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉन 3 से अचानक अलग होने के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव) जारी किया था।
इसके बाद से ही 300 करोड़ रुपए के बजट वाली इस जोम्बी थ्रिलर फिल्म के लेट होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम तय समय पर चल रहा है और इसकी शूटिंग अगस्त में शुरू होगी।

‘प्रलय’ पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जोम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है।
प्री-प्रोडक्शन काम पर रोक नहीं रिपोर्ट में इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि FWICE के असहयोग प्रस्ताव से फिल्म के शुरुआती काम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम जैसे स्क्रिप्टिंग, वीएफएक्स (VFX) की तैयारी, डिजाइन प्लानिंग और लोकेशन की खोज लगातार जारी है।
फेडरेशन का यह फैसला शूटिंग शुरू होने के बाद जमीनी स्तर पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के तालमेल को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कागजी और तकनीकी तैयारियों को इससे नहीं रोका जा सकता। मेकर्स को उम्मीद है कि अगस्त में शूटिंग शुरू होने से पहले यह मामला सुलझा लिया जाएगा।

पिछले कुछ समय से रणवीर कांतारा मिमिक्री केस और डॉन 3 छोड़ने के कारण विवादों में हैं।
300 करोड़ के बजट से बनेगी फिल्म ‘प्रलय’ फिल्म को लेकर हिंदी सिनेमा में काफी चर्चा है क्योंकि यह एक बड़े स्तर पर बनने वाली पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जोम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है। बॉलीवुड में इस जॉनर पर बहुत कम फिल्में बनी हैं। इस फिल्म का बजट करीब 300 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।
फिल्म में जोम्बी की एक अलग दुनिया दिखाने के लिए विदेशी तकनीशियनों और क्रू मेंबर्स की मदद ली जा रही है। रणवीर सिंह इस फिल्म को लेकर काफी गंभीर हैं और वे इस किरदार के लिए अपने लुक में बड़ा बदलाव करने वाले हैं।

डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवाद रणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म ‘डॉन 3’ से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं।

