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लातेहार के हेरहंज प्रखंड के नवादा गांव में डीवीसी संचालित तुबेद कोल माइंस से निकलने वाले हाइवा वाहनों के परिचालन के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। ग्रामीण इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने नवादा-लातेहार मार्ग पर हाइवा वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया। करीब पांच घंटे तक कोयला लदे हाइवा वाहनों को सड़क पर रोके रखने के बाद सभी वाहनों को वापस लौटा दिया गया। इसके बाद सभी लोग धरना से उठ गए। दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहता है ग्रामीण चंदन कुमार जायसवाल, अजीत कुमार, जयप्रकाश भगत और मनीष कुमार का आरोप है कि तुबेद कोल माइंस से लगातार हो रहे हाइवा परिचालन के कारण सड़क पर धूल प्रदूषण बढ़ गया है। साथ ही राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना रहता है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और प्रबंधन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। इधर, रात में ग्रामीणों को सूचना मिली कि प्रशासन की मदद से जबरन कोयला लदे हाइवा का परिचालन शुरू कराया जा सकता है। सूचना मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण पुनः सड़क किनारे बैठ गए, जो पूरी रात डटे रहे। सूचना पर हेरहंज अंचलाधिकारी दिवाकर दुबे एवं हेरहंज पुलिस के अधिकारी रात में ही ग्रामीणों से वार्ता करने पहुंचे, लेकिन ग्रामीण किसी भी आश्वासन को मानने के लिए तैयार नहीं हुए। अंचलाधिकारी दिवाकर दुबे ने समस्या समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कहा कि पहले भी कई बार समय दिया जा चुका है, बावजूद इसके हालात में कोई बदलाव नहीं आया। दूसरी ओर शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में नवादा क्षेत्र के दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद रख मांगों का समर्थन किया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हाइवा वाहनों का परिचालन बंद नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कोयला ढुलाई बंद होने के कारण कई हाइवा वाहन कोयला लदे खड़े हैं, जिससे डीवीसी एंट्री गेट पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
