
राँची नगर निगम में इन दिनों डिप्टी मेयर नीरज कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शहर में बढ़ती जल समस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वार्ड 31 स्थित गैलेक्सियां मॉल के सामने काली मंदिर परिसर में वर्षों पुराने और सूख चुके कुएं का जीर्णोद्धार कार्य उनके अथक प्रयासों से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह कुआं केवल जलापूर्ति का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र रहा है। दशकों से काली मंदिर में होने वाले पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में इसी कुएं के जल का उपयोग होता था। पिछले वर्ष इसके सूख जाने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था, साथ ही धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं।
डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कुएं के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया। सफाई, गहराई बढ़ाने और जलस्तर को पुनर्जीवित करने के लिए तकनीकी स्तर पर जरूरी सभी कदम उठाए गए। अब यह कुआं पुनः जल देने की स्थिति में आ गया है और जल्द ही मोहल्ले के लोगों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
इस अवसर पर डिप्टी मेयर ने कहा कि राँची नगर निगम क्षेत्र में कहीं भी जल संकट की स्थिति नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि पूरे शहर में वर्तमान में 65 टैंकरों के माध्यम से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है, ताकि किसी भी क्षेत्र में लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल समस्याओं के समाधान के लिए निगम की टीम लगातार फील्ड में सक्रिय है और हर शिकायत का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है।
जीर्णोद्धार कार्य के पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस अवसर पर प्रकाश बड़ाइक, आनंद कुजूर, अमित सोनी, सामेल टोप्पो, शंकर दा, रामचंद्र सिंह सहित वार्ड के कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस कार्य को क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और डिप्टी मेयर के प्रयासों की सराहना की।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पहल से न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। लोगों ने उम्मीद जताई कि नगर निगम भविष्य में भी इसी तरह तत्परता के साथ जन समस्याओं का समाधान करता रहेगा।
