मुंबई। महाराष्ट्र के भंडारा जिले के खराशी गांव में नवरात्रि के लिए आयोजित भोजन के बाद करीब 300 लोगों की तबीयत बिगड़ गई है। बुधवार सुबह कई ग्रामीणों को उल्टी, जी मिचलाने और दस्त की शिकायत होने लगी। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित लोगों का इलाज शुरू किया। फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी 82 मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
इस घटना की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि खराशी निवासी जितेंद्र बोंद्रे ने नवरात्रि के अवसर पर मंगलवार रात को भोजन का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में गांव के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया और भोजन किया। करीब 300 लोग प्रभावित हुए और बुधवार सुबह से ही कई लोगों को उल्टी, जी मिचलाने और दस्त जैसी शिकायतें होने लगीं। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने की सूचना मिलने के बाद प्रभावित ग्रामीणों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुल 82 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें 36 महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें भंडारा अस्पताल में 11 मरीज, पलांदूर अस्पताल में 51 मरीज और खराशी अस्पताल में 20 मरीजों का इलाज जारी है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की टीम खराशी पहुंची। अन्य प्रभावित लोगों को भी आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सहायता दी जा रही है। अस्पताल में भर्ती सभी 82 मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
इस घटना के बाद भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खाद्य विषाक्तता की आशंका के बीच संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। हालांकि, लोगों की तबीयत बिगडऩे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इसका पता चल सकेगा।

