रांची, 7 अगस्त। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में शैक्षणिक सत्र 2026 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभाग, पाठ्यक्रम, विश्वविद्यालय की परंपराओं तथा पत्रकारिता के विभिन्न आयामों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।
इस अवसर पर नैनी मिश्रा ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान ने 185 वर्षों की समृद्ध शैक्षणिक यात्रा पूरी की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1839 में इसकी शुरुआत एक सरकारी विद्यालय के रूप में हुई थी तथा वर्ष 2018 में इसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित किया गया।
कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक प्रणव प्रियदर्शी, दिवाकर सिंह, शंभू नाथ चौधरी, रवि प्रकाश एवं दीप्ति गौरव उपस्थित रहे। रवि प्रकाश ने पाठ्यक्रम के प्रमुख उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इसका लक्ष्य विद्यार्थियों में मीडिया साक्षरता, विषयगत विशेषज्ञता तथा रोजगारोन्मुख दक्षता का विकास करना है। वहीं दीप्ति गौरव ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, अध्ययन पद्धति तथा आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
वक्ताओं ने बताया कि विभाग का पाठ्यक्रम प्रिंट मीडिया, प्रसारण माध्यम तथा नवीन मीडिया पर आधारित है। इसमें पाठ्यक्रम संवर्धन, उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा कौशल विकास पर विशेष बल दिया जाता है। विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण (इंटर्नशिप) कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं एवं विभाग के शिक्षकों ने भाग लिया।

