रांची: ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह अभियान 2026’ के तहत स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने अपने प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (एम.टी.आई.), रांची में “टेंडर प्रोसेसिंग, प्रोक्योरमेंट और कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंट” पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। सेल के सी.एम.एम.जी. और कॉर्पोरेट सतर्कता विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खरीद और अनुबंध प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, परिचालन दक्षता और जवाबदेही को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम में सेल के विभिन्न एकीकृत इस्पात संयंत्रों के E1 से E5 ग्रेड के 26 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें विशेष रूप से वे अधिकारी शामिल थे, जिन्हें खरीद, कॉन्ट्रैक्ट सेल और इंडेंटिंग जैसे कार्यों का अपेक्षाकृत कम अनुभव है। इनके अलावा 5 विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन भी मौजूद रहे।
एम.टी.आई. के कार्यपालक निदेशक (एच.आर.-एल एंड डी) संजय धर ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए निरंतर सीखने और क्षमता निर्माण पर जोर दिया।
सेल के सीएमडी डॉ. अशोक कुमार पांडा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यावसायिक समझ केवल खरीद या वित्त विभाग तक सीमित न रहकर योजना, परियोजना निष्पादन और संचालन से जुड़े सभी विभागों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों के समग्र विकास के लिए अंतर-विभागीय रोटेशन और व्यावहारिक अनुभव की आवश्यकता रेखांकित की।
सेल के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सी.वी.ओ.) दिलीप कुमार ने नियमित प्रशिक्षण के जरिए ज्ञान के प्रसार और आंतरिक शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने की बात कही, ताकि सामान्य समस्याओं का समाधान प्रबंधन स्तर पर ही हो सके। वहीं, सेल के सतर्कता विभाग के सीजीएम (प्रभारी) व अतिरिक्त प्रभार ईडी (सतर्कता) ज्ञानेश झा ने बताया कि सतर्कता जांच के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने और ‘निवारक सतर्कता’ को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह मॉड्यूल तैयार किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान संयंत्रों के प्रभारी निदेशकों और कॉर्पोरेट निदेशकों ने टेंडर-पूर्व योजना, पारदर्शी मूल्यांकन, डिजिटल प्रणालियों के अधिकतम उपयोग और समय पर निर्णय लेने पर बल दिया। इस पहल को सेल में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवारक सतर्कता को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक अहम कदम बताया गया।
