देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर बाबा नगरी आने वाली महिला कांवरियों और माताओं के लिए देवघर जिला प्रशासन की अनूठी पहल ‘मातृत्व विश्राम गृह’ एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा मेला क्षेत्र के 10 महत्वपूर्ण स्थलों पर संचालित ये विश्राम गृह महिला श्रद्धालुओं को सुरक्षा, सुविधा और गरिमापूर्ण माहौल प्रदान कर रहे हैं। जिला प्रशासन के ‘सेवा भाव सर्वोपरि’ के संकल्प के तहत यहाँ तैनात महिला सूचना और सहायता कर्मी चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं की सेवा में मुस्तैद हैं।
इन आधुनिक केंद्रों पर महिला श्रद्धालुओं और उनके बच्चों की जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। यहाँ मासूम बच्चों के लिए दूध, बिस्कुट, चॉकलेट और पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा महिला कांवरियों के लिए सेनेटरी पैड, शिशुओं के लिए डायपर तथा थकान व शारीरिक कष्ट दूर करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड) की सुविधा चौबीसों घंटे मौजूद है। महिला कर्मी न केवल श्रद्धालुओं को सही मार्ग दिखा रही हैं, बल्कि माताओं को अपने बच्चों की देखभाल के लिए एक सुरक्षित और एकांत स्थान भी उपलब्ध करा रही हैं।
विश्राम गृह में तैनात महिला कर्मियों की संवेदनशीलता और आत्मीयता की श्रद्धालु खुलकर तारीफ कर रहे हैं। सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद पहुंचे श्रद्धालुओं के पैर दबाकर और उनका उपचार कर कर्मी उनकी थकान मिटाने में मदद कर रहे हैं। भागलपुर से आईं स्नेहा और कृति, कोलकाता की सुष्मिता, पूजा व ऐश्वर्या, तथा मेरठ की निकिता और मंजू जैसी कई महिला श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन का आभार जताया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भारी भीड़ के बीच निशुल्क स्वच्छता सामग्री और इस प्रकार का निस्वार्थ सेवा भाव उनके लिए एक सुखद अनुभव है, जिसकी यादें वे हमेशा अपने साथ रखेंगी।

