नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के बीच ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल-2026’ को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। साथ ही हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 6 अगस्त को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा से पारित यह विधेयक बैंकर्स बुक्स (बैंकों के रिकॉर्ड) से जुड़े सबूतों के लिए कानून बनाने और इसे आज के डिजिटल बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बनाने, इसके साथ ही इससे जुड़े या उससे संबंधित मामलों के लिए प्रावधान करता है।
केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में ‘बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक-2026’ पेश किया था। यह विधेयक औपनिवेशिक काल के 125 वर्ष पुराने बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम-1891 का स्थान लेगा।
इस विधेयक का मकसद बैंकरों की किताबों से जुड़े सबूतों के लिए कानून बनाना और इसे आज के डिजिटल बैंकिंग तरीकों के अनुरूप बनाना है। विधेयक का लक्ष्य मौजूदा बैंकिंग सिस्टम की जरूरतों को पूरा करने के लिए कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाना है। विधेयक में यह प्रावधान भी है कि बैंकर की किताब का इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल रिकॉर्ड सबूत के तौर पर स्वीकार्य, मान्य और कानूनी रूप से लागू करने योग्य होगा।

