नई दिल्ली। भारत और नेपाल ने व्यापार, विकास साझेदारी, जलविद्युत, भौतिक संपर्क, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा और जन-संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के पारंपरिक रूप से मजबूत क्षेत्रों में हाल के समय में बढ़ते जुड़ाव पर संतोष व्यक्त किया है। साथ ही स्टार्टअप, डिजिटल कनेक्टिविटी, एआई और खेल सहित सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया है। इसके अलावा नेपाली नेतृत्व ने रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित और पर्याप्त मानवीय एवं तकनीकी सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दो दिवसीय (4-5 नवंबर) नेपाल का दौरा किया। विदेश सचिव ने यात्रा के दौरान नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात की। यात्रा के संबंध में विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य के अनुसार इस दौरान मिस्री ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जुड़ाव और समग्र प्रगति पर प्रकाश डाला और नेपाल के प्रधानमंत्री की आगामी भारत यात्रा के संदर्भ में संभावित परिणामों और पहलों पर चर्चा की।
विदेश सचिव ने वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले, विदेश मंत्री शिसिर खनाल, ऊर्जा-जल संसाधन और सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ और अवसंरचना विकास मंत्री सुनील लमसाल से भी मुलाकात की। दोनों विदेश सचिवों ने 4 नवंबर को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इसमें उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की और भारत और नेपाल के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
विदेश सचिव ने भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह और नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन संबंधी संसदीय समिति के सदस्यों सहित सांसदों के एक समूह से भी बातचीत की।

