अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की ऐतिहासिक जीत, संसद के दोनों सदनों में नियंत्रण, राष्ट्रपति ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार किया

वाशिंगटन। अमेरिकी मतदाताओं ने मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तगड़ा झटका दिया है। मतगणना के नतीजे चौंकाने वाले हैं। सीएनएन और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार डेमोक्रेट्स ने अमेरिका संसद (कांग्रेस) पर फिर नियंत्रण हासिल कर लिया है। कांग्रेस के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की 425 सीटों के लिए लिए हुए चुनाव में डेमोक्रेट्स ने 224 सीटों पर जीत हासिल की है। रिपब्लिकन को 129 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। अब तक के नतीजों में डेमोक्रेट्स ने बहुमत का आंकड़ा 218 पार कर लिया है। बाकी अधिकांश सीटों पर भी डेमोक्रेट्स उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।

सीएनएन और सीबीएस न्यूज चैनल की चुनाव डेस्क से प्रसारित समाचारों में बताया गया है कि इसके अलावा 100 सदस्यीय सीनेट (उच्च सदन) की 35 सीट और 36 गवर्नर के पदों के नतीजे भी आने लगे हैं। इनमें से 33 सीटों पर नियमित रूप से 6 साल के कार्यकाल के लिए मतदान हुआ है। बाकी की दो सीटें (ओहायो और फ्लोरिडा) विशेष चुनाव के तहत हैं। ये सीटें जेडी वेंस के उपराष्ट्रपति बनने के कारण और मार्को रुबियो के विदेश मंत्री बनने के कारण के दिए गए इस्तीफे से खाली हुई थीं। सीनेट की शेष 65 सीटों पर इस बार चुनाव नहीं हुआ है, क्योंकि अमेरिकी सीनेट के केवल एक-तिहाई सदस्यों के लिए ही हर दो साल में चुनाव कराए जाते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन गढ़ माने जाने वाले कई राज्यों में जीत दर्ज कर सात सीटों का फायदा हासिल किया। सदन में उनकी संख्या बढ़कर 53 हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी की सीट घटकर 42 हो गई है।

दोनों समाचार चैनलों की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने उन जगहों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां दो साल पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने आसानी से जीत हासिल की थी। डेमोक्रेट्स ने हाउस और सीनेट दोनों पर शानदार और ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इससे उन्हें ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो सालों में उन पर लगाम लगाने के लिए काफी ताकत मिल गई है। ट्रंप ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ से कहा कि वह नतीजों को स्वीकार करते हैं। इससे फिलहाल उन सवालों पर विराम लग गया है कि क्या वे नतीजों को चुनौती देंगे। फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे रिपब्लिकन पार्टी की पराजय को “अपने ऊपर लगे झटके” के तौर पर नहीं देखते हैं।

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