पलामू।नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) मेदिनीनगर में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। विश्वविद्यालय के विशेष अंकेक्षण (स्पेशल ऑडिट) के चार महीने बीत जाने के बावजूद अंकेक्षण रिपोर्ट पर अनुपालन रिपोर्ट सरकार को उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसका खुलासा वित्त विभाग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में किया है।
मेदिनीनगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राहुल कुमार दुबे ने सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में अंकेक्षण निदेशालय, वित्त विभाग के उप निदेशक सह जन सूचना पदाधिकारी बिरसा बिरचन्द लकड़ा ने यह जानकारी उपलब्ध कराई है।
विभागीय पत्र के अनुसार, अंकेक्षण निदेशालय ने नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय का विशेष अंकेक्षण कार्य 28 जनवरी से 20 अप्रैल 2026 तक संपन्न कराया गया था। इसके बाद विशेष अंकेक्षण रिपोर्ट के माध्यम से विश्वविद्यालय को भेजा गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि रिपोर्ट भेजे जाने के लगभग चार महीने बाद भी विश्वविद्यालय की ओर से अनुपालन प्रतिवेदन वित्त विभाग को प्राप्त नहीं हुआ था। विभाग ने अपने जवाब में स्पष्ट रूप से लिखा है कि ’नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय पलामू से रिपोर्ट नहीं मिला है।
इस मामले में नेता ’कमलेश कुमार पांडेय’ और आरटीआई कार्यकर्ता ’राहुल कुमार दुबे’ के नाम से सामने आए इस मामले में अब विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
यह जानकारी दी एपीएसयू नेता ’कमलेश कुमार पांडेय’ और आरटीआई कार्यकर्ता ’राहुल कुमार दुबे ने शनिवार को दी।

