DSPMU में ‘कोड जैम 2026’ प्रतियोगिता संपन्न, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाया तकनीकी कौशल

कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने अनुशासन को बताया विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का अहम हिस्सा

रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के रविंद्र नाथ टैगोर सभागार में 13 अगस्त को ‘कोड जैम 2026’ प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। बीसीए विभाग के मार्गदर्शन में ‘कोडर्स हब DSPMU’ (Coder’s Hub DSPMU) द्वारा आयोजित इस मेगा टेक-इवेंट में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों—BCA, B.Sc. IT, MCA और B.Sc. Electronics—के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर के अध्यक्षीय संबोधन के साथ हुआ। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अनुशासन उनके व्यक्तित्व और सफलता का अहम हिस्सा है। उन्होंने कोडिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार कोडिंग में एक ‘सेमीकोलन’ (;) के छूट जाने से पूरा प्रोग्राम काम करना बंद कर सकता है, उसी प्रकार कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि सफलता के लिए अनुशासन भी आवश्यक है।

कुलपति ने कहा कि किसी भी कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने की नींव अनुशासन से ही रखी जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों के नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीकी युग में केवल किसी कार्य को पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे दूसरों की तुलना में अधिक गुणवत्तापूर्ण तरीके से करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में बेहतर गुणवत्ता और निरंतर कौशल विकास के माध्यम से ही विद्यार्थी अपना अस्तित्व मजबूत कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का निरंतर प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों को सामाजिक और अकादमिक दायित्वों के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी सक्षम बनाया जाए। ‘कोड जैम’ जैसे कार्यक्रम इसी सोच का परिणाम हैं, जो विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं।

मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीकी दुनिया में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए उन्हें अपने ज्ञान और कौशल में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए।

इसके बाद बीसीए विभाग की समन्वयक डॉ. नमिता लाल और सहायक प्राध्यापक डॉ. सैयद जाफ़र अब्बास ने विद्यार्थियों को संबोधित कर उनका मनोबल बढ़ाया।

तीन चरणों में हुई प्रतियोगिता

‘कोड जैम 2026’ प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया गया। इसमें विद्यार्थियों की कोडिंग क्षमता, समस्या समाधान कौशल, टीमवर्क और एआई कौशल को प्रमुख आधार बनाया गया। प्रतियोगिता के तीन चरणों में Debugging Challenge, AI Image Generation और DSA Showdown शामिल रहे।

प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न चरणों में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया।

ये रहे विजेता

  • प्रथम स्थान: अनस आलम
  • द्वितीय स्थान: मनीष कुमार गंजू
  • तृतीय स्थान: युवराज सिंह

सभी विजेता विद्यार्थियों को कुलपति प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर और को-ऑर्डिनेटर डॉ. नमिता लाल द्वारा ‘Certificate of Excellence’ प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. धर्मराज कुमार ने सभी प्रतिभागियों और ‘कोड जैम 2026’ के आयोजकों को प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में डॉ. जीसी बास्के, डॉ. धर्मराज कुमार सहित आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले विद्यार्थी उपस्थित रहे।

यह जानकारी विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।

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