डॉ. आंचल कुमारी ने यूजीसी-नेट परीक्षा में सफलता हासिल कर बढ़ाया मान

रामगढ़/रांची: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग की शिक्षिका डॉ. आंचल कुमारी ने यूजीसी-नेट (UGC-NET) जून 2026 परीक्षा कंप्यूटर साइंस विषय में सफलता प्राप्त कर एक बार फिर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता का कड़ा संघर्ष, त्याग और उनके पति का विशेष योगदान रहा है।
सबसे खास और प्रेरणादायक बात यह है कि डॉ. आंचल कुमारी ने जिस डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (पूर्ववर्ती रांची कॉलेज) से अपनी स्नातक (आईटी) और स्नातकोत्तर (एमसीए) की शिक्षा प्राप्त की, जहाँ वे यूनिवर्सिटी की टॉपर रहीं और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के हाथों स्वर्ण पदक से सम्मानित हुईं—आज वे उसी संस्थान में शिक्षिका के रूप में कार्यरत रहकर अपनी सेवाएँ दे रही हैं।
माता-पिता का संघर्ष और पति का विशेष योगदान:
रामगढ़ के पतरातु सांकूल पंचायत निवासी डॉ. आंचल कुमारी के माता-पिता—पिता विनोद साहू और मां बासंती देवी ने अपनी संतान को उच्च शिक्षा के मुकाम तक पहुँचाने के लिए अत्यंत विकट परिस्थितियों का सामना किया। परिवार की आजीविका चलाने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए माता-पिता ने सब्जियाँ बेचकर संघर्षपूर्ण जीवन बिताया। माता बासंती देवी ने खुद कड़ा संघर्ष करते हुए सब्जियों की बिक्री से होने वाली आय से भाई-बहन (आंचल कुमारी और उनके भाई अनिकेत कुमार, अभिषेक, जो बीएससी आईटी के टॉपर रहे हैं) दोनों की शिक्षा को अधूरा नहीं होने दिया।
इस संपूर्ण शैक्षणिक सफर और सफलता में उनके पति का भी विशेष और अहम योगदान रहा है, जिनके निरंतर प्रोत्साहन, संबल और सहयोग से डॉ. आंचल कुमारी ने अपनी शोध और परीक्षाओं की राह को आसान बनाया। अपनी इस असाधारण सफलता का श्रेय डॉ. आंचल कुमारी हमेशा अपने माता-पिता, पति, सास-ससुर, भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को देती हैं। उनका मानना है कि परिवार के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास के बिना यह मुकाम हासिल करना असंभव था, जिसमें उनकी पुत्री अन्वी का भी विशेष सहयोग रहा है।
पूर्व की उपलब्धियाँ:
डॉ. आंचल कुमारी इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। उन्होंने DSPMU के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के हाथों एमसीए (2018-21 सत्र) की टॉपर के रूप में स्वर्ण पदक प्राप्त किया था। इसके अलावा, मात्र 27 वर्ष की अल्प आयु में कंप्यूटर साइंस विषय में अपनी पीएचडी की पूरी कर उन्होंने कीर्तिमान रचा है, जिसे उन्होंने मुख्य शोध पर्यवेक्षक डॉ. संजय कुमार तथा सह-पर्यवेक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार महतो के मार्गदर्शन में पूरा किया था।
शिक्षकों और शुभचिंतकों ने दी बधाई:
परिवार के इस संघर्ष, पति के विशेष सहयोग और डॉ. आंचल कुमारी की इस सफलता पर विश्वविद्यालय परिवार और शुभचिंतकों में खुशी है। इस अवसर पर डॉ. आई.एन. साहू, डॉ. राजेंद्र कुमार महतो, डॉ. राहुल देव साह, तथा शुभचिंतकों में उदय साहू, रेखा देवी, अनुज कुमार, डॉ. शैली, शैलेश कुमार, अभिषेक कुमार आदि ने बधाई देते हुए अपनी खुशी जाहिर की है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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