भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार

नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और उनकी उत्कृष्ट सिनेमाई यात्रा के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के समक्ष) में मंगलवार को आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
अनंत नाग को यह पुरस्कार उनकी पांच दशकों से अधिक लंबी शानदार सिनेमाई यात्रा के लिए प्रदान किया गया, जिसने कलाकारों की पीढ़ियों को प्रेरित किया है। अभिनेता अनंत नाग ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार को उन कलाकारों और तकनीशियन को समर्पित किया, जिसके साथ उन्होंने काम किया। इस अवसर पर उन्होंने अभिनय के अपने शुरुआती सफर से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह इस भव्य समारोह की गरिमा को महसूस करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसे बहुत कम समारोहों में हिस्सा लिया है और यहां उपस्थित होकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
अनंत नाग ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि उनके जीवन के शुरुआती 12 वर्ष एक आश्रम और मठ के माहौल में बीते। इसके बाद उन्हें मुंबई भेजा गया, जहां उन्हें अभिनय का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें ‘चैतन्य महाप्रभु’ नामक नाटक में अभिनय करने का मौका मिला। इसी नाटक से उनके अभिनय जीवन की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा कि उस समय इसे वह अपना करियर नहीं मानते थे क्योंकि किसी को यह अंदाजा नहीं था कि भविष्य में क्या होने वाला है। धीरे-धीरे अभिनय के प्रति उनका जुड़ाव बढ़ता गया और यही उनके लंबे एवं उल्लेखनीय फिल्मी सफर की शुरुआत बनी।
अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में हुआ था और उन्होंने 70 के दशक की शुरुआत में अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत कन्नड़ फीचर फिल्म संकल्प से की, जबकि फिल्म अंकुर से उन्होंने हिंदी सिनेमा में पदार्पण किया। उन्होंने छह भारतीय भाषाओं की 300 से अधिक फिल्मों में विभिन्न प्रकार के किरदारों को जीवंत किया है।
उनके काम में बेहद लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक मालगुडी डेज भी शामिल है। उन्होंने पांच फिल्मफेयर पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए पांच कर्नाटक राज्य पुरस्कार जीते हैं। भारत सरकार ने उन्हें साल 2025 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

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