हजारीबाग : लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर हजारीबाग शहर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। छठव्रतियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर के विभिन्न छठ घाटों की साफ-सफाई की जा रही है। इसी कड़ी में रविवार को कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की ओर से मीठा तालाब छठ घाट परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में फोर्स के 100 से अधिक कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और श्रमदान कर घाट परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में अपना योगदान दिया।अभियान के दौरान तालाब परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई की गई। जगह-जगह फैले कचरे को हटाया गया तथा परिसर में स्थित पेड़ों पर चूने से रंगाई की गई। कर्मियों ने पूरे परिसर को व्यवस्थित करने में श्रमदान किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य छठ महापर्व से पहले घाटों को स्वच्छ बनाना और आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।इस अवसर पर कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के संचालक टुनटुन सिंह ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष पर्व, त्योहार या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की पहचान है। इसी सोच के साथ मीठा तालाब परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया है।उन्होंने कहा कि लोक आस्था के महापर्व छठ में स्वच्छता का विशेष महत्व है। ऐसे में घाटों की सफाई करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्थानीय लोगों और नगर निगम के सहयोग से शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के प्रयासों को लगातार गति मिल रही है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे सार्वजनिक स्थलों, तालाबों और छठ घाटों पर गंदगी नहीं फैलाएं तथा स्वच्छता अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।टुनटुन सिंह ने बताया कि ‘अपना मोहल्ला सबसे साफ’ अभियान के तहत पिछले दो वर्षों से कमांडो इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स की ओर से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करना भी है।
उन्होंने कहा कि छठ महापर्व को देखते हुए शहर के सभी छठ घाटों की सफाई की जा रही है। हालांकि, यह अभियान केवल छठ पर्व तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पर्व संपन्न होने के बाद भी निरंतर जारी रहेगा। शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों का सामूहिक सहयोग बेहद जरूरी है।

