फीफा विश्व कप 2026 : स्पेन ने फ्रांस को हराकर फाइनल में बनाई जगह

डलास। मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को मंगलवार को 2-0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। टूर्नामेंट की दो सबसे मजबूत टीमों के बीच खेले गए इस बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल में स्पेन ने शुरुआत से अंत तक दबदबा बनाए रखा, जबकि फ्रांस की टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।

अब स्पेन का सामना रविवार को फाइनल में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। दूसरी ओर फ्रांस अब तीसरे स्थान के मुकाबले में खेलेगा, जो मुख्य कोच दिदिएर डेशां के 14 वर्षीय कार्यकाल का अंतिम मैच भी होगा।

पहले और दूसरे हाफ में दागे गोल

स्पेन ने पहले हाफ में बढ़त बनाई, जब मिकेल ओयारजाबाल ने पेनाल्टी को गोल में बदल दिया। यह पेनाल्टी तब मिली जब फ्रांस के लुकास डिन ने लामिन यामाल को गेंद क्लियर करने के प्रयास में फाउल कर दिया।

दूसरे हाफ में दानी ओल्मो के बेहतरीन मूव पर पेड्रो पोरो ने शानदार फिनिश करते हुए दूसरा गोल दागा और स्पेन की जीत लगभग तय कर दी।

फ्रांस का आक्रमण पूरी तरह रहा बेअसर

पूरे मुकाबले में फ्रांस की टीम स्पेनिश रक्षा पंक्ति को नहीं तोड़ सकी। कप्तान किलियन एमबाप्पे पूरी तरह स्पेन के खिलाड़ियों की पकड़ में रहे, जबकि बैलन डी’ओर विजेता उस्मान डेम्बेले भी कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके।

दूसरा गोल खाने तक फ्रांस केवल दो शॉट ही लगा पाया था और उनमें से एक भी निशाने पर नहीं था। टीम के सबसे प्रभावशाली रचनात्मक खिलाड़ी माइकल ओलिसे को भी 72वें मिनट में मैदान से बाहर जाना पड़ा, जिससे साफ हो गया कि फ्रांस का आक्रमण पूरी तरह विफल रहा।

स्पेन ने लगातार तीसरी बार फ्रांस को हराया

स्पेन ने लगातार तीसरी बड़ी प्रतियोगिता में फ्रांस को हराया है। इससे पहले उसने यूरो 2024 के सेमीफाइनल और 2025 नेशंस लीग के सेमीफाइनल में भी फ्रांस को मात दी थी।

इसके साथ ही स्पेन का सभी प्रतियोगिताओं में अपराजेय अभियान 37 मैचों तक पहुंच गया, जो किसी भी यूरोपीय देश की संयुक्त रूप से सबसे लंबी अपराजेय श्रृंखला है। अब स्पेन 2010 की तरह यूरोपीय चैम्पियनशिप और विश्व कप दोनों खिताब जीतने की दहलीज पर खड़ा है।

कोच ने कहा- दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है स्पेन

स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने जीत के बाद कहा,”हमने लगभग चार साल पहले एक सोच के साथ शुरुआत की थी और आज तक उसी पर कायम हैं। उसी सोच ने हमें यहां तक पहुंचाया है। आज हमने दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक का सामना किया, लेकिन उनके सामने दुनिया की सबसे बेहतरीन टीम थी। यही सबसे बड़ा अंतर रहा।”

उन्होंने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, “ये खिलाड़ी हर सम्मान के हकदार हैं। उन्होंने हर दिन अपनी प्रतिबद्धता, एकजुटता, उदारता और प्रतिभा का परिचय दिया है। ये खिलाड़ी मुश्किल काम को भी आसान बना देते हैं।”

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