रेफरल अस्पताल तोरपा में हैंडओवर से पहले स्टाफ क्वार्टर का सीलिंग से उखड़ने लगा प्लास्टर

खूँटी । झारखंड में भ्रष्टाचार की खबरें आए दिन सामने आते रहते हैं। झारखंड में भ्रष्ट संवेदक और सरकारी बाबू की काली करतूत और लीपापोती कर निर्माण कराने के मामले का उजागर हमेशा उजागर होता रहता है । इसी क्रम में रेफरल अस्पताल तोरपा के नवनिर्मित स्टाफ क्वार्टर में रविवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुमिता रानी ने 11 करोड़ रुपए की लागत से रेफरल अस्पताल तोरपा परिसर में बना रहे अस्पताल भवन व स्टाफ क्वार्टर का निरीक्षण की। जो कि शंकर एंड कम्पनी के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। जहाँ स्टाफ क्वार्टर के अंदर नवनिर्मित छत का सीलिंग से प्लास्टर उतरकर फर्श में गिर गया। जिसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्न खड़ा हो रहा है। बताया गया कि अस्पताल भवन और स्टाफ क्वार्टर अभी हैंडओवर भी नहीं हुआ। निर्माण कार्य पूरे 3 महीने पूरे हुए हैं और भवन के जर्जर होने से स्वास्थ्य कर्मी डरे सहमें हुए हैं। उक्त मामले को लेकर रेफरल अस्पताल तोरपा के चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अनुमिता रानी गंभीरता से लेते हुए निर्माण करा रहे संवेदक को कड़ी फटकार लगाया है और घटिया निर्माण के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। तोरपा रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुमिता रानी ने बताई कि भवन में आज देखने के लिए घूस ही थे। जहाँ छत से प्लास्टर उजड़कर गिर गया । उन्होंने कहा कि किसी के सिर पर भी गिर सकता था इससे जाने-माने का खतरा भी है सकता है। अभी इसको हैंड ओवर भी नहीं लिया गया है और अभी से ही ये हाल है। इसमें घटिया किस्म का मेटेरियल इस्तेमाल किया गया है और अच्छा से निर्माण नहीं किया गया है इसीलिए अभी से ही ऐसी स्थिति आ रही है। 

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