रांची: सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआईपी), कांके, रांची को सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित SKOCH Award से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सीआईपी के निदेशक डॉ. वी. के. चौधरी ने संस्थान की ओर से प्राप्त किया।
यह पुरस्कार उन दूरस्थ एवं वंचित समुदायों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए किए गए अभिनव एवं प्रभावी प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है। वर्ष 2021 में सीआईपी ने गैर-सरकारी संस्था ‘एकजुट’ (Ekjut) के सहयोग से झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से एक सामुदायिक आधारित टेली-मनोचिकित्सा (Community-Based Tele-Psychiatry) मॉडल की शुरुआत की थी।
पश्चिमी सिंहभूम मुख्यतः जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्र है, जहाँ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की उपलब्धता सीमित रही है। इस चुनौती का समाधान करने के लिए सीआईपी की विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को ‘एकजुट’ की सुदृढ़ सामुदायिक पहुँच, घर-आधारित फॉलो-अप, परामर्श सेवाओं, सहायता समूहों तथा सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ जोड़ा गया।
इस पहल के माध्यम से गंभीर मानसिक विकारों से प्रभावित लगभग 800 व्यक्तियों का पंजीकरण किया गया। परियोजना ने उपचार तक पहुँच को आसान बनाया, इलाज की लागत में कमी लाई, उपचार के अनुपालन में सुधार किया तथा सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक समावेशन के माध्यम से मानसिक रोगों से जुड़े कलंक एवं भेदभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर डॉ. वी. के. चौधरी ने कहा कि यह सम्मान केवल सीआईपी के लिए नहीं, बल्कि उन सभी स्वास्थ्यकर्मियों, सामुदायिक स्वयंसेवकों, सहायता समूहों, परियोजना सहयोगियों और सबसे बढ़कर उन व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के लिए है, जिन्होंने इस पहल पर विश्वास किया और इसके साथ जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य में सुधार केवल दवा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सहभागिता, आजीविका और आशा का पुनर्निर्माण भी शामिल है।
उन्होंने SKOCH संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने सामुदायिक आधारित मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह मॉडल देश के अन्य दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के उपचार अंतराल (Treatment Gap) को कम करने में सहायक सिद्ध होगा।
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री, रांची और ‘एकजुट’ के बीच यह साझेदारी इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि कैसे संस्थागत विशेषज्ञता और सामुदायिक सहभागिता मिलकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है l

