रांची। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में सोमवार से नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, मानविकी संकाय तथा विभिन्न वोकेशनल पाठ्यक्रमों के स्नातक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षाएं विश्वविद्यालय के मुख्य अकादमिक परिसर एवं नए अकादमिक परिसर में प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जा रही हैं।
परीक्षा के पहले दिन कुलपति डॉ. राजीव मनोहर ने अपनी पूर्व की कार्यशैली के अनुरूप दोनों परिसरों का निरीक्षण किया और परीक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षा कक्षों में जाकर विद्यार्थियों से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता एवं परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
कुलपति डॉ. मनोहर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक प्रथम सेमेस्टर, पंचम सेमेस्टर तथा अब तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं का आयोजन सत्र नियमितीकरण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल शैक्षणिक सत्र को नियमित करना ही नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों को भी अवसर प्रदान करना है जो पूर्व में कुछ विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए थे अथवा किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे।
उन्होंने कहा कि स्नातक पंचम एवं तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाओं में ऐसे विद्यार्थियों को सशर्त शामिल होने का अवसर दिया गया है, जिससे वे अपने बैकलॉग विषयों की परीक्षा देकर शैक्षणिक प्रगति जारी रख सकें। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुलपति ने बताया कि स्नातक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा संपन्न होने के बाद स्नातकोत्तर अंतिम सत्र तथा उसके पश्चात स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इससे विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र को पूरी तरह नियमित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करेगा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता तथा परीक्षकों की उपस्थिति की भी समीक्षा की। विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त संतुष्टि को उन्होंने विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. अजय कुमार चौधरी भी उपस्थित रहे। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. राजेश कुमार सिंह ने दी।

