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पलामू पुलिस ने सड़क निर्माण कंपनी से रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। हैदरनगर थाना क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात राहुल सिंह गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी डूअर्स कंस्ट्रक्शन कंपनी के वर्कशॉप परिसर में गोलीबारी की योजना बना रहे थे, ताकि कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया जा सके और निर्माण कार्य को बाधित किया जा सके। एसडीपीओ के नेतृत्व में चला संयुक्त अभियान पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को शनिवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांशु शुक्ला के नेतृत्व में हैदरनगर थाना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस टीम ने संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर दी और इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस को देखते ही भागने लगे आरोपी छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही अपराधी मौके से भागने लगे, लेकिन जवानों की तत्परता से चारों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर उनके पास से दो 9 एमएम पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, छह मिसफायर कारतूस, एक खाली मैगजीन, एक काला पिट्ठू बैग और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे राहुल सिंह गिरोह के निर्देश पर वर्कशॉप परिसर में गोलीबारी कर रंगदारी वसूलने की योजना बना रहे थे। लातेहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी लातेहार जिले के रहने वाले हैं। इनमें हैठलोटो कुर्रा निवासी विक्रांत सिंह उर्फ सिकराम सिंह (29), लबरपुर पोचरा के संतोष राम (26), हैठलोटो कुर्रा के मधुकांत प्रजापति (20) और नावाडीह कुर्रा निवासी बिक्रम राम (24) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, विक्रांत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी जेल जा चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2025 में चंदवा थाना में संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। इस पूरे मामले में हैदरनगर थाना में कांड दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके वित्तीय नेटवर्क और संगठित आपराधिक गतिविधियों की गहन जांच में जुटी हुई है।
