अचानक भोजपुरी क्यों गाने लगे अक्षय कुमार:‘रगड़के नहला देब साबुन से’ पर अक्षरा सिंह संग नाचे, भोजपुरिया अंदाज के 2 कारण




पवन सिंह के ‘आई नहीं’ ने जब बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश करवाई, तो बॉलीवुड को समझ आ गया कि सफलता का असली रास्ता यूपी-बिहार के सिंगल स्क्रीन और इंस्टाग्राम रील्स से होकर गुजरता है। यही वजह है कि अपनी हिट फिल्म के लिए तरस रहे खिलाड़ी अक्षय कुमार ने अब अक्षरा सिंह और भोजपुरी के सबसे लाउड फ्लेवर का सहारा लिया है। ‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बवाल काट रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक बहस भी छिड़ गई है। क्या अक्षय कुमार का यह दांव उन्हें वापस बॉलीवुड का खिलाड़ी नंबर-1 बना पाएगा?जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः अक्षरा सिंह और अक्षय कुमार का कौन सा नया गाना रिलीज हुआ है? जवाबः 25 मई को फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना ‘घिस घिस घिस’ रिलीज हो गया। सिर्फ 48 घंटे में इसे यूट्यूब पर 14 मिलियन लोगों ने देखा है। यह एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिख रहे हैं। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। सवाल-2: क्या लगातार फ्लॉप फिल्म देने के कारण अक्षय कुमार भोजपुरी स्टार का सहारा ले रहे हैं? जवाबः हां, काफी हद तक। अक्षय कुमार लंबे समय से एक सुपरहिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। इसलिए चर्चा है कि अक्षय कुमार अब हिट की तलाश में भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। सवाल-3: क्या अक्षय कुमार पहले ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने हिट के लिए भोजपुरी स्टार और भोजपुरी गानों का सहारा लिया है? जवाबः नहीं, इससे पहले भी कई बड़े कलाकार रहे हैं, जिन्होंने समय-समय पर भोजपुरी गानों, स्टार्स या डॉयलाग/फ्लेवर का इस्तेमाल करके छप्परफाड़ कमाई की है। कुछ उदाहरण… सवाल-4ः क्या भोजपुरी अब बॉलीवुड के लिए जरूरी हो गया है? जवाबः निश्चित रूप से। पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड का शहरी/महानगरीय कंटेंट दर्शकों से कट गया था। साउथ सिनेमा (पुष्पा, कांतारा) और भोजपुरी-अवधी बेल्ट के गानों और कंटेंट ने बॉलीवुड को अहसास कराया है कि भारत का असली पैसा ‘देसी’ कंटेंट में है। बॉलीवुड अब रील्स पर राज करने के लिए रीजनल स्टार्स की सोशल मीडिया फॉलोइंग का ‘पैरासाइटिक इस्तेमाल’ कर रहा है। बॉलीवुड को भोजपुरी की जरूरत क्यों… भोजपुरी सिनेमा को अक्सर ‘कम बजट’ या ‘वल्गर’ कहकर मुख्यधारा की मीडिया में नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन इसकी वास्तविक ताकत इसकी जमीनी पकड़ है।

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