रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 71 छात्रों को गोल्ड मेडल, 6923 को मिली उपाधि

रांची। रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह बुधवार को मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित हुआ। समारोह में 71 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 6,923 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। कुलाधिपति एवं राज्यपाल संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. सरोज शर्मा तथा विभिन्न संकायाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को पदक और उपाधियां प्रदान कीं।
समारोह की शुरुआत परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग के विद्यार्थियों द्वारा राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और कुलगीत की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, कुलपति प्रो. सरोज शर्मा और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कुलपति ने कुलाधिपति और रक्षा राज्यमंत्री को स्मृतिचिह्न एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका का विमोचन भी किया।

समारोह में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (एनआईईपीए) की कुलपति डॉ. शशिकला वंजारी और आईआईएम कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक राय को मानद उपाधि प्रदान की गई। दोनों ने रांची विश्वविद्यालय के प्रति आभार जताते हुए उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में रांची विश्वविद्यालय के प्रथम पीएचडी धारक प्रो. नवल किशोर अंबष्ठ भी उपस्थित रहे।

क्षमता का उपयोग देश और समाज के हित में करें : कुलाधिपति

कुलाधिपति संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों, कुलपति और विश्वविद्यालय परिवार को उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा कि रांची विश्वविद्यालय ने झारखंड के सामाजिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत का अर्थ पढ़ाई समाप्त होना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय से अर्जित ज्ञान का उपयोग देश और समाज के विकास में करने की जिम्मेदारी शुरू होना है।

कुलाधिपति ने विद्यार्थियों से अपनी क्षमता का उपयोग सही उद्देश्यों के लिए करने और अवसर तलाशने के बजाय अवसर पैदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के शोध, आचरण और समाजहित में किए जाने वाले कार्यों से उनकी पहचान बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि रांची विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

देश और वैश्विक अपेक्षाओं पर खरा उतरें युवा : कुलपति

कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय की 66 वर्ष की उपलब्धिपूर्ण यात्रा गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के तीन महाविद्यालयों को यूजीसी ने ‘कॉलेज विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस’ (सीपीई) का दर्जा दिया है। विश्वविद्यालय में एमएससी स्टैटिस्टिक्स, एमएससी डाटा साइंस और एमए एजुकेशन जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।

कुलपति ने कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020’ के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं और भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शिक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय में स्थापित वेलनेस सेंटर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा देश के साथ वैश्विक अपेक्षाओं पर भी खरे उतरेंगे।

स्टेट लाइब्रेरी विश्वविद्यालय को सौंपने का आग्रह

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य गढ़ने और राष्ट्र को आगे ले जाने की जिम्मेदारी निभानी है।

रक्षा राज्यमंत्री ने कुलाधिपति से आग्रह किया कि करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्टेट लाइब्रेरी का संचालन रांची विश्वविद्यालय को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा, ताकि भविष्य में बड़ी संख्या में आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

समारोह के अंत में परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग के विद्यार्थियों ने ‘मैं हूं रांची विश्वविद्यालय’ नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, सीसीडीसी, एफओ, एफए, सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

समारोह का संचालन डॉ. स्मृति सिंह ने किया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण विश्वविद्यालय के कम्युनिटी रेडियो खांची के यूट्यूब चैनल पर भी किया गया।

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