खूंटी : सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में 41 वीं नेत्रदान पखवाड़ा का आयोजन किया गया पखवाड़ा का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ ललित रंजन पाठक एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनी नीलम टोप्पो के द्वारा संयुक्त रूप से द्वीप प्रजलित कर किया गया.
अपने संबोधन में सिविल सर्जन डॉ ललित रंजन पाठक ने कहा कि हम सभी को अंधेपन की समस्या के प्रति गंभीर होने की आवश्यकता है राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता सर्वेक्षण में कॉर्निया जनित अंधापन की व्यापकता अंधेपन के कुल मामलों के लगभग 7.4 % बढ़ गई है और इसमें प्रतिवर्ष 20000 की वृद्धि हो रही है जो की अति चिंतनीय है उन्होंने उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मी को निर्देशित देते हुए कहे कि नेत्रदान के प्रति व्यापक प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करेंगे इसके साथ ही उनके द्वारा बताया गया की राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत रिम्स , एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर ,एवं शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद में नेत्र अधिकोष स्थापित है अतः विभिन सामाजिक संगठनों को इस पुनीत पहल के लिए आगे आना होगा उन्होंने जिले के इक्छुक लोगों को नेत्रदान हेतु नेत्र विभाग सदर अस्पताल खूंटी में भ्रमण करने हेतु प्रेरित किए.
जिला नोडल पदाधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रजनी नीलम टोप्पो ने बताया की नेत्रदान पखवाड़ा दिनांक 25 अगस्त से आगामी 8 सितंबर 2026 तक सभी जिला हॉस्पिटल , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मनाया जाएगा जहां स्वास्थ्यकर्मी , सहिया , बीटीटी एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के द्वारा नेत्रदान महादान हेतु लोगो को जागरूक एवं व्यापक प्रचार प्रसार किया जायेगा.
उन्होंने बताया की इस पखवाड़ा का उद्देश्य है की जनमानस में नेत्रदान को अपनाने एवं इसमें परिवार की सहमति के साथ इसे पारिवारिक परंपरा के रूप में प्रतिस्थापित करने हेतु उत्प्रेरित करना एवं इसके प्रति फ़ैली भ्रांतियां का निवारण कर जिले की आम जनता में जागरूकता फैलाना है.
कार्यक्रम के पश्चात सिविल सर्जन एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा प्रचार प्रसार हेतु जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ शोभा किस्पोट्टा ,नेत्र सर्जन , जिला कार्यक्रम प्रबंधक कानन बाला तिर्की, जिला लेखा प्रबंधक विकास सिंह, जिला डाटा प्रबंधक श्वेता सिंह , जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ उदयन शर्मा सभी नेत्र सहायक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
