रांची: 10 अगस्त 2026 को कतिपय छात्र संगठनों द्वारा प्रस्तावित विधानसभा घेराव के मद्देनजर रांची जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमंडल पदाधिकारी (सदर, रांची) ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए नया विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे (झारखंड उच्च न्यायालय को छोड़कर) में BNS की धारा 163 (पूर्व में CRPC धारा 144) लागू कर दी है। इस दायरे में किसी भी प्रकार का विरोध प्रदर्शन, धरना या रैली पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित की गई है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय, रांची द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या – 507/2026) के माध्यम से जिला प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के उग्र या गैर-कानूनी प्रदर्शन में भाग लेने से बचें।
प्रशासन ने सचेत किया है कि हिंसा या कानून-विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा असर उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड और भविष्य के करियर पर पड़ सकता है। प्रशासन ने ध्यान दिलाया कि वर्तमान में अधिकांश सरकारी और निजी नौकरियों में पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की नकारात्मक पुलिस रिपोर्ट सरकारी व निजी क्षेत्रों में नौकरी पाने के साथ-साथ ठेके (कॉन्ट्रैक्ट) प्राप्त करने की राह में भी बड़ी रुकावट बन सकती है।
छात्रों को राज्य और राष्ट्र का कर्णधार बताते हुए रांची जिला प्रशासन ने उनसे संयम बरतने, बहकावे में न आने और अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी समस्या या शिकायत का समाधान आक्रामकता से नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से ही संभव है।

