रांची। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच समेत अन्य आंदोलित छात्र संगठनों के आह्वान पर रांची में तिरंगा मार्च निकाला गया। मार्च में अनशन कर रहे दो छात्र अभ्यर्थी व्हीलचेयर पर शामिल हुए। करीब 300 मीटर लंबे तिरंगे के साथ सैकड़ों छात्र-युवा देशभक्ति गीतों के बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते नजर आए।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुए तिरंगा मार्च में छात्रों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। व्हीलचेयर पर शामिल अनशनकारी छात्रों ने कहा कि 14 दिनों से जारी उनका संघर्ष कमजोर नहीं पड़ा है। उन्होंने सरकार से जेपीएससी-जेएसएससी के मुद्दे पर हठधर्मिता छोड़कर छात्र हित में निर्णय लेने की अपील की।
छात्रों ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगें स्वीकार कर लेती है तो वे आंदोलन समाप्त कर अपने घर लौट जाएंगे। उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों का कहना था कि परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। छात्राओं ने भी कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से चल रहा है और इसका उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा करना है।
तिरंगा मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर कचहरी चौक, लालपुर और परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए अरगोड़ा स्टेडियम पहुंचा। मार्च के दौरान देशभक्ति गीतों और नारों के बीच छात्रों ने तिरंगे के साथ अपनी मांगों को मजबूती से सामने रखा।
मार्च को देखते हुए रांची पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी-जेएसएससी में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की सीबीआई जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 14वें दिन और छात्र आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा।
