पलामू: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पलामू में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए झारखंड होमगार्ड (JHG) कार्यालय के मुंशी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। मुंशी ड्यूटी कमान काटने के बदले ‘साहब’ के नाम पर यह अवैध रकम वसूल रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित होमगार्ड जवान अपनी ड्यूटी के लिए कमान कटवाने के सिलसिले में जेएचजी कार्यालय गया था। वहां मौजूद अधिकारी ने उसे सीधे काम करने के बजाय मुंशी से मिलने का निर्देश दिया। जब जवान मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर और तुलसी से मिला, तो उन्होंने ड्यूटी कमान जारी करने के एवज में अधिकारी (‘साहब’) के नाम पर 10,000 रुपये रिश्वत की मांग रख दी।
हैरानी की बात यह रही कि जब पीड़ित ने दोबारा संबंधित अधिकारी से मिलकर रिश्वत मांगने की शिकायत करनी चाही, तो अधिकारी ने उल्टा जवान से कहा, “चार महीने में 1,20,000 रुपये मिलते हैं, तो 10,000 रुपये देने में क्या परेशानी है।” अवैध वसूली की मांग और रवैये से तंग आकर जवान ने रिश्वत देने से साफ इनकार कर दिया और मामले की लिखित शिकायत एसीबी पलामू के पुलिस अधीक्षक से की। शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच कराई, जिसमें मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर द्वारा 10,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद एसीबी थाने में विधिवत प्राथमिकी दर्ज की गई।
सत्यापन के आधार पर आज एसीबी की विशेष धावा दल (ट्रैप टीम) ने जाल बिछाया। दंडाधिकारी और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जैसे ही आरोपी मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर ने वादी से 10,000 रुपये की रिश्वत ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद ब्यूरो की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। वहीं, इस मामले में शामिल अन्य कर्मियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है।


